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हर हत्या एक संभावना है

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हर हत्या एक संभावना है
धरती को कोई झकझोरता है जोर से
तो अक्सर आसमान दरक जाता है
और एक ढहती हुई छत आ गिरती है सुबह के सीने पर
उसी सुबह कोई युवती बिलखती हुई देखती है
अपने दो चार सपनों को पिसते हुए
एक चिड़िया झुंझलाहट में आग लगा देती है
जतन से बनाए गए अपने घोंसले को
बारिश आने या अंडे रखने से ठीक पहले
अभी अभी जागे एक बच्चे की आंख से
काजल बह जाता है
और गहरे हो जाते हैं उसके गाल पर उगे धब्बे
मां सपने देखती है कि शहर सूख गया है
आंचल से कितना भी रगड़ो
कालिख नहीं छूटती
दूधिया जो दूध लाया है
उसका रंग कुछ काला है
सुबह की हवा का मिजाज विषैला है
जंगल में चूहे मारने गए कुछ बच्चों को
खतरा बताकर गोली मार दी गई है
एक बूढ़ा अपंग बाप जूझता अपनी पसलियों से
उन्हें कंधा देना चाहता है
काफी चीख मची है बस्ती में
चौड़ी सड़कों में दबे
बांध के पानी में समा गए
शहर के शोर में बिला गए
तमाम मुर्दे आज इकट्ठा हो गए हैं
उन्होंने अदालत लगा ली है
और इंसाफ पर अड़ गए हैं
हर हत्या एक संभावना हो गई है…।

धरती को कोई झकझोरता है जोर से

तो अक्सर आसमान दरक जाता है

और एक ढहती हुई छत आ गिरती है सुबह के सीने पर

उसी सुबह कोई युवती बिलखती हुई देखती है

अपने दो चार सपनों को पिसते हुए

एक चिड़िया झुंझलाहट में आग लगा देती है

जतन से बनाए गए अपने घोंसले को

बारिश आने या अंडे रखने से ठीक पहले

अभी अभी जागे एक बच्चे की आंख से

काजल बह जाता है

और गहरे हो जाते हैं उसके गाल पर उगे धब्बे

मां सपने देखती है कि शहर सूख गया है

आंचल से कितना भी रगड़ो

कालिख नहीं छूटती

दूधिया जो दूध लाया है

उसका रंग कुछ काला है

सुबह की हवा का मिजाज विषैला है

जंगल में चूहे मारने गए कुछ बच्चों को

खतरा बताकर गोली मार दी गई है

एक बूढ़ा अपंग बाप जूझता अपनी पसलियों से

उन्हें कंधा देना चाहता है

काफी चीख मची है बस्ती में

चौड़ी सड़कों में दबे

बांध के पानी में समा गए

शहर के शोर में बिला गए

तमाम मुर्दे आज इकट्ठा हो गए हैं

उन्होंने अदालत लगा ली है

और इंसाफ पर अड़ गए हैं

हर हत्या एक संभावना हो गई है…।

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ikshit के द्वारा
January 16, 2014

नयी सोच का स्वागत है… – इच्छित

adityaupadhyay के द्वारा
August 19, 2013

kya bat hai…..jabardast kavita

Mann Ki Kawita के द्वारा
July 30, 2013

बहुत खुबसूरत कविता …………..

    krishnakant के द्वारा
    July 30, 2013

    शुक्रिया सर


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